हेमन्त कुमार देवदह संवाददाता
विश्व फिजियोथैरेपी दिवस पर केएमसी डिजिटल अस्पताल महाराजगंज ने सेमिनार का आयोजन किया जिसमें मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक महाराजगंज ने दीप प्रज्वलन एवं केक काटकर शुभारंभ किया फिजियोथैरेपी चिकित्सा की एक नवीन विधा है जिसमें हड्डी एवं मांस पेशियों एवं तंत्रिका तंत्र से संबंधित बीमारियों का इलाज बिना दवा के किया जाता है बीमारियों में गठिया, साइटिका ,लंबर स्पोंडिलोसिस ,सर्वाइकल स्पॉन्डलोसिस ,मसल वेस्टिंग पैरालिसिस आदि का इलाज मांस पेशियों की एक्सरसाइज एवं इलेक्ट्रोथेरेपी के द्वारा किया जाता है। इस अवसर पर केएमसी डिजिटल हॉस्पिटल के वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर धनंजय कुशवाहा ने बताया कि हमारी बहुत ऐसी बीमारियां हैं जो बिना दवा के ठीक रह सकती हैं, मांस पेशियों के दर्द बिना दवा के केवल फिजियोथैरेपी के माध्यम से ठीक किया जा सकता है ।जिनके घुटनों में दर्द रहता है चलने में असुविधा होती है दांतों में स्वेलिंग रहती है उन्हें फिजियोथेरेपी के माध्यम से उपचार कर ठीक किया जाता है उन्होंने अभी बताया की मांसपेशियों को अगर एक्टिव ना रखा जाए तो मांसपेशियों की ताकत प्रतिदिन 5% कम होती जाती है इसलिए व्यायाम एवं थैरेपीयूटिक एक्सरसाइज करना बहुत ही अनिवार्य है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फिजियोथैरेपी बहुत महत्वपूर्ण है जब हम दर्द से मुक्त होते हैं तो मन भी स्वच्छ हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया अधिकांशत बीमारियों का कारण हमारे उठने बैठने के तरीकों से हैं , इसलिए कुर्सी पर बैठे तो रीड की हड्डी को सीधा करके बैठे हैं झुककर ना बैठे।दो दो घंटे पर अपनी कुर्सी से उठकर थोड़ा टहल लिया करें तथा किसके साथ गर्दन का भी मूवमेंट कर लिया करें जो लोग कंप्यूटर पर काम करते हैं लंबे समय तक वे कालर का प्रयोग करें उससे उन्हें गर्दन की समस्या नहीं होगी। न्यूरो सर्जन डॉ विश्वनाथ, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ विवेक,घुटना एवम् कूल्हा प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉक्टर शैलेंद्र, चिकित्सा अधीक्षक मेजर यशवर्धन ने भी अपने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए इसके बाद मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक ने कहा कि फिजियोथैरेपी वर्तमान हेतु रामबाण है इससे अनियमित जीवन शैली से होने वाली बीमारियों को निजात दिलाई जा सकता है उन्होंने शिवम को बताया कि पहले मुझे मांस पेशियों में अकड़न रहती थी लेकिन फिजिओथेरपी के माध्यम से इस समय मैं पूर्ण रूप से स्वस्थ हूं एवं दर्द से भी दूर हूं उन्होंने अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि जो उपचार अस्पताल परिसर में उपलब्ध है को उपचार बड़े शहरों में भी उपलब्ध नहीं है जनता इसका लाभ लें इसके बाद केएमसी पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के प्राचार्य डॉ भानु प्रिया ने बताया कि फिजियोथैरेपी को महत्वपूर्ण समझते हुए संस्थान ने निर्णय लिया है कि फिजियोथेरेपी विधा में बैचलर इन फिजियोथैरेपी साडे 4 वर्षीय पाठ्यक्रम इस वर्ष शुरू किया जा रहा है जिससे क्षेत्र में फिजियोथेरेपी से आमजन को लाभ दिया जा सके इस कार्यक्रम में एचआर मैनेजर सिद्धार्थ सिंह पैरामेडिकल कॉलेज के समस्त शिक्षक एवं छात्र तथा एडमिन जीतू मेघवाल ने कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष सहयोग किया।



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