हेमन्त कुमार /अमित/के एम पटेल देवदह संवाददाता ।
महराजगंज, 4 सितंबर 2021, आज मा. मुख्यमंत्री द्वारा जनपद में हवाई सर्वेक्षण द्वारा बाढ़ की स्थिति का मुआयना किया गया। इसके साथ ही मा. मुख्यमंत्री ने शाहाबाद स्थित जी.एस. पब्लिक इंटर कॉलेज में राहत सामग्री का वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री निर्धारित समय से एक घण्टा पूर्व ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए और सबसे पहले 10 महिला लाभार्थियों में मानसी पत्नि गोरख , मानती पत्नी बनारसी हाताबेला हरैया,इसरावती,उर्मिला,राजमती शाहाबाद,सुशीला मनसफ गढ,बरसाती बेलासपुर, ज्ञानमती बेलासपुर टोला पृथ्वीपुर, आरती व सुनीता बेलासपुर को पैकेट वितरण किया। इसके अतिरिक्त लगभग 500 अन्य लाभार्थियों को भी राहत पैकेट का वितरण किया गया
इसके बाद बाढ़ पीड़ितों को संबोधित करते हुए मा. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ से लगभग डेढ़ दर्जन जनपद प्रभावित हैं, जिसमें महराजगंज भी है। मैंने स्वयं फरेंदा और सदर का हवाई सर्वेक्षण कर क्षति का अवलोकन किया है । शासन-प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर राहत कार्यों में लगे हैं जिसमें मा. वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी समेत जनपद के सभी जनप्रतिनिधि प्रशासन का मार्गदर्शन और सहयोग कर रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि सभी बाढ़ पीड़ितों को राहत मिले और इसी मंशा के अनुरूप जनपद में बाढ़ की विभीषिका को कम करने के लिये शासन द्वारा जनपद में 30 परियोजनाओं को शुरू भी किया गया। इन परियोजनाओं में 9 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष पर युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है।
मा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से निपटने के लिए शासन द्वारा प्रशासन को पर्याप्त धनराशि और संसाधन मुहैया करवाये गये हैं। जनपद में एनडीआर एफ व एसडीआरफ की टीमें भी लगाई गयीं हैं, जो बाढ में फसे को सिर्फ लोगों निकाल रही हैं, और पीड़ित परिवारों तक जरूरी सहायता भी पहुंचा रही हैं।
हमने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि बाढ़ पीड़ितों तक जरूरी वस्तुओं से युक्त राहत पैकेट का वितरण किया जाए, जिसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, 2 किलो दाल, लाई, चना, रिफाइंड, मसाला समेत रोजमर्रा की जरूरी चीजें मौजूद हों। उन्होंने कहा कि मैंने यह भी निर्देश दिया है कि ग्राम-स्तर पर नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर राहत सामग्री का वितरण किया जाए।
मा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की संभावना 15 सितंबर तक है, ऐसे में हमे सतर्क रहने और जरूरी बचाव की व्यवस्था करने की आवश्यकता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग जरूरी व्यवस्था कर ले, जिसमें आवश्यक दवाओं के साथ क्लोरीन टैबलेट, ब्लिचिंग पाउडर जैसी चीजें रखी जाएँ।
मा. मुख्यमंत्री ने आगे कहा यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु बाढ़ के कारण हुई है तो उसे चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसी प्रकार यदि किसी किसान की फसल को बाढ़ के कारण कोई क्षति हुई है तो उसको पांच लाख रुपये कृषक बीमा दुर्घटना योजना द्वारा प्रदान किया जाएगा। पशुधन के नुकसान होने पर भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। मा. मुख्यमंत्री ने आगे कहा यदि किसी व्यक्ति का पक्का मकान बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुआ है हुआ तो उसे पचास हजार का मुआवजा दिया जाएगा, जबकि अगर कच्चा मकान क्षतिग्रस्त होता है तो उसे उसी अनुपात में मुआवजा दिया जाएगा। इसी प्रकार है यदि किसी पीड़ित का मकान नदी की धारा में आकर नष्ट होता है तो उसको मुख्यमंत्री आवास योजना के द्वारा आवास प्रदान किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को बाढ़ में फसलों की हुई क्षति का आंकलन समय से कर शासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, ताकि उन्हें समय से मुआवजा दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने कल से ही विशेष स्वच्छता अभियान चलाने का निर्देश भी दिया है। इस अभियान को सभी विभाग मिलकर सफल बनायें।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ित उपेक्षित महसूस न करें, इसके लिये उन्हें तत्काल राहत पहुंचाए। इस आपदा में केंद्र और प्रदेश सरकार की संवेदना बाढ़ पीड़ितों के साथ है और इसिलए मेरे समेत जनपद के सभी प्रतिनिधिगण यहाँ आपके दुःख में सम्मिलित होने के लिए उपस्थित हैं।
कार्यक्रम में भारत सरकार मा. वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी समेत जनपद के सभी विधायकगण, लाभार्थी उपस्थित रहे।




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