हेमन्त कुमार विशेष संवाददाता ।
महराजगंज : कोरोना के खिलाफ जंग में जेल प्रशासन बंदियों के इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आयुर्वेद का सहारा ले रहा है ।
आयुष मंत्रालय के पहल पर बुधवार को आर्युवेद डॉक्टर आशीष त्रिपाठी स्वास्थ्य कर्मियों के साथ औषधियां लेकर जेल में पहुंचे और 75 बंदियों को इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए निशुल्क दवा का वितरण किया ।
जेलर अरविन्द श्रीवास्तव ने बताया कि आयुष विभाग के चिकित्सक बुधवार को जेल में आए थे । करीब 75 बंदियों में आर्युवेदिक औषधियां वितरित की गई । चिकित्सकों ने मरीजों को परामर्श भी दिया । एक दवा को तीन दिन तक लगातार खिलाना है ।
डॉक्टर के मुताबिक यह औषधि शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाती है । इससे शरीर में रोग के खिलाफ लड़ने की क्षमता विकसित होती है ।
जेलर ने बताया कि कोरोना को लेकर जेल में सख्त नियम लागू किए गए हैं । इस वजह से कोरोना की दूसरी लहर जेल की चहारदीवारी के अंदर तक नहीं पहुंच पाई है । पूरा जेल परिसर एक तरह से कंटेनमेंट जोन में । यहां बाहर से आने वालों पर पाबंदी है ।
थानों से गिरफ्तार होकर न्यायालय के आदेश पर जो कैदी आ रहे हैं उनका पुलिस महकमा पहले ही कोरोना टेस्ट करा कर भेज रहा है ।
जेल में पहले उनको क्वारंटीन बैरक में रखा जा रहा है । वहां चिकित्सकों की देखभाल व परामर्श के बाद दूसरे बैरक में शिफ्ट किया जाता है।
महराजगंज : कोरोना के खिलाफ जंग में जेल प्रशासन बंदियों के इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आयुर्वेद का सहारा ले रहा है ।
आयुष मंत्रालय के पहल पर बुधवार को आर्युवेद डॉक्टर आशीष त्रिपाठी स्वास्थ्य कर्मियों के साथ औषधियां लेकर जेल में पहुंचे और 75 बंदियों को इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए निशुल्क दवा का वितरण किया ।
जेलर अरविन्द श्रीवास्तव ने बताया कि आयुष विभाग के चिकित्सक बुधवार को जेल में आए थे । करीब 75 बंदियों में आर्युवेदिक औषधियां वितरित की गई । चिकित्सकों ने मरीजों को परामर्श भी दिया । एक दवा को तीन दिन तक लगातार खिलाना है ।
डॉक्टर के मुताबिक यह औषधि शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाती है । इससे शरीर में रोग के खिलाफ लड़ने की क्षमता विकसित होती है ।
जेलर ने बताया कि कोरोना को लेकर जेल में सख्त नियम लागू किए गए हैं । इस वजह से कोरोना की दूसरी लहर जेल की चहारदीवारी के अंदर तक नहीं पहुंच पाई है । पूरा जेल परिसर एक तरह से कंटेनमेंट जोन में । यहां बाहर से आने वालों पर पाबंदी है ।
थानों से गिरफ्तार होकर न्यायालय के आदेश पर जो कैदी आ रहे हैं उनका पुलिस महकमा पहले ही कोरोना टेस्ट करा कर भेज रहा है ।
जेल में पहले उनको क्वारंटीन बैरक में रखा जा रहा है । वहां चिकित्सकों की देखभाल व परामर्श के बाद दूसरे बैरक में शिफ्ट किया जाता है।


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