हेमन्त/अमित देवदह संवाददाता ।
माननीय उच्चतम न्यायालय तथा माननीय उच्च न्यायालय के निर्देषों के अनुपालन में माननीय प्रषासनिक न्यायमूर्ति श्री उमेष कुमार की उपस्थिति में आज दिनांक-10.07.2021 को दीवानी न्यायालय, महराजगंज, फरेन्दा व कलेक्टेªट तथा समस्त तहसील न्यायालयों के परिसर में राश्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर, जनपद न्यायाधीष, महराजगंज श्री संदीप जैन, पीठासीन अधिकारी, मोटर प्रतिकर न्यायाधिकरण, श्री संजय यादव, प्रधान न्यायाधीष परिवार न्यायालय, श्री हरिनाथ पाण्डेय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, प्रथम, श्री महेष कुमार कुषवाहा एवं अन्य जनपद के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, कर्मचारीगण एवं भारी संख्या में वादकारीगण उपस्थित हुये।
उक्त राश्ट्रीय लोक अदालत में कुल-10690 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमंे जिला एवं सत्र न्यायाधीष, श्री संदीप जैन, द्वारा 02 वादों का निस्तारण किया गया, प्रधान न्यायाधीष परिवार न्यायालय द्वारा 44 वादों का निस्तारण किया गया है, पीठासीन अधिकारी द्वारा 30 वादों का निस्तारा किया गया विषेश अधिकारी द्वारा 01 वाद का निस्तारण किया गया, अपर प्रधान न्यायाधीष परिवार न्यायालय, प्रथम, द्वारा 11 वादों का निस्तारण किया गया, अपर प्रधान न्यायाधीष परिवार न्यायालय द्वितीय द्वारा 22 वादों का निस्तारण किया गया, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 585 वादेां का निस्तारण किया गया, सिविल जज प्रवर खण्ड त्वरित न्यायालय 93 वादों का निस्तारण किया गया, सिविल जज अवर खण्ड/न्यायिक मजिस्ट्रेट, द्वारा 69 वादेां का निस्तारण किया गया, सिविल जज अवर खण्ड, फरेन्दा द्वारा 324 वादों का निस्तारण किया गया, न्यायिक मजिस्ट्रेट, महराजगंज द्वारा 85 वादों का निस्तारण किया गया, अपर सिविल जज अवर खण्ड कोर्ट सं0-2, महराजगंज द्वारा 03 वादों का निस्तारण किया गया, अपर सिविल जज, अवर खण्ड कोट सं0-3, महराजगंज द्वारा 05 वादों का निस्तारण किया गया, सिविल जज, अवर खण्ड त्वरित न्यायालय कोर्ट सं0-2, महराजगंज द्वारा 02 वादों का निस्तारण किया गया।
इसके अतिरिक्त समस्त राजस्व, एवं चकवन्दी न्यायालयों द्वारा 8190 लम्बित वादों का निस्तारण किया गया और सभी बैंकों के द्वारा कुल-1186 ऋण की वसूली से सम्बन्धित प्री-लिटिगेषन मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें 405 भारतीय स्टेट बैंक, 349 बड़ौदा उ0प्र0 ग्रामीण बैंक, 24 यूनियन बैंक आफ इण्डिया, 02 बैंक आफ बडौदा, 121 पंजाब नेषनल बैंक, 07 सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया, 02 बैंक आफ इंडिया, 48 इण्डियन बैंक इलाहाबाद, 07 केनरा बैंक, 221 दूर संचार विभाग के हैं और कुल मु0-13416757/-रूपये बैंकों द्वारा आज नकद वसूल किये गये तथा मु0-70225094/-रूपये का लोन सेटल किया गया व मु0-23156590/-रूपये ऋण धारिकों को बैंकों द्वारा छूट प्रदान किया गया जिससे ऋणधारकों को भारी राहत मिली।
इस प्रकार उक्त लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के कुल-10690 वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों में कुल-1,11,72,000/-रूपये क्षतिपूर्ति के रूप में दिलवाया गया और 3,53,560/-रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किया गया तथा 35,33,248/-रूपये का उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र जारी किया गया।
इस राश्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालय द्वारा निस्तारित किये गये पारिवारिक मामलों में कुल-18 परिवारों का पुर्नमिलन कराया गया। उनके द्वारा जिन परिवारों को अलग होने से बचाया गया उनके नाम क्रमषः सहीबुन-सबरूल्लाह, षोहदा खातून-मु0 आजम, रीमा सिंह-अनिल सिंह, संध्या राय-दीपू राय, सरिता-रवि जायसवाल, ममता-विजय, नुरैषा खातून-सद्दाम हुसैन, गुड़िया देवी-मुन्ना सहानी, रिन्जू-अजय कुमार राय, परोजन उर्फ गीता-मनोज, मुकेष कुमार-मुनीता तथा तसरीफुननिषा-सदरे आलम, विनोद-गीता, षाहजहाॅ-सगीर, नीलम-बुधेष, जफर अली-नूरी खातून, सुनील-ज्योति व सविता-अनिल है इसके अतिरिक्त 1 ऐसे पारिवारिक वाद का भी निस्तारण किया गया जिनका मामला कोर्ट में आने से पूर्व ही दोनों पति-पत्नी को समझा-बुझाकर प्री-लिटिगेषन स्तर पर एक साथ विदा कराया गया।




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