देवदह संवाददाता गोरखपुर ।
गोरखपुर में एक पेट्रोल पंप पर आए डीजल टैंकर ने गलती से पेट्रोल टैंक में 2,500 लीटर डीजल भर दिया. इस गलती का खामियाजा सैकड़ों पेट्रोल गाड़ियों के चालकों को भुगतना पड़ा. उनकी गाड़िया धुक-धुक कर बंद हो गईं. वहीं, घटना के बाद पंप पर पेट्रोल की बिक्री बंद कर दी गई है.
गोरखपुर: जिले में एक पेट्रोल पंप का बड़ा कारनामा सामने आया है. यहां धर्मशाला बाजार स्थित भारत पेट्रोलियम के पंट्रोल पंप (Bharat Petroleum Petrol Pump) पर देर रात पेट्रोलियम कंपनी व पंप कर्मचारियों की लापरवाही से पेट्रोल टैंक में डीजल भर दिया गया. करीब 2,500 लीटर डीलज पेट्रोल टैंक में भरे जाने के बाद अचानक जिम्मेदारों को अपनी गलती का एहसास हुआ, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. इस बीच सैकड़ों पेट्रोल गाड़ियों में डीजल की बिक्री की जा चुकी थी. कुछ ही देर में लोगों की गाड़ियां बंद होने लगी और पंप पर खराब गाड़ियों की लाइन लग गई. नाराज लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया. इसके बाद पेट्रोल पंप संचालक ने गाड़ियों को ठीक कराने का आश्वासन दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ.
घटना के बाद पंप पर पेट्रोल की बिक्री बंद कर दी गई है. पेट्रोलियम कंपनी को भी मामले से अवगत करा इसकी जांच शुरू करा दी गई. वहीं दूसरी ओर पेट्रोल गाड़ियों में डीजल पड़ने से अब तक पंप संचालक द्वारा सैकड़ों गाड़ियों की मरम्मत कराई जा चुकी है, जिन लोगों ने स्वंय मरम्मत कराई, उन्हें पंप की ओर से उसके पैसे चुकाए जा रहे हैं. मामला सामने आने के बाद शहर भर में इसे लेकर हड़कंप मचा हुआ है.
दरअसल, धर्मशाला बाजार स्थित भारत पेट्रोलियम पंट्रोल पंप (Bharat Petroleum Petrol Pump) पर मंगलवार की रात भारत पेट्रोलियम का एक ट्रैंकर करीब 12,000 लीटर डीजल लेकर आया. कंपनी कर्मचारी व पंप कर्मचारियों की मानवीय भूल से पंप पर बने डीजल टैंक की बजाय डीजल, पेट्रोल टैंक में भरा जाने लगा. करीब 2,500 लीटर डीजल पेट्रोल टैंक में भरा जा चुका था. इसके बाद कर्मचारियों की उस पर नजर पड़ी. आनन-फानन में टैंक से पाइप निकाल दिया गया, लेकिन तब तक सैकड़ों गाड़ियों में तेल की बिक्री की जा चुकी थी.
खराब गाड़ियों की पंप पर लगी लाइन
कुछ ही देर बीतने के बाद तेल लेकर गई गाड़ियां वापस आने लगीं. पंप पर खराब गाड़ियों की लाइन लग गई. लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया. पंप संचालक द्वारा लोगों को तेल बदलने और गाड़ियों को ठीक कराने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया गया. बुधवार से पंप पर खराब गाड़ियों को ठीक कराने वालों की लाइन लगी हुई है. जिन लोगों ने खुद गाड़ियां ठीक कराईं, उन्हें संचालक द्वारा बनवाई के पैसे चुकाए जा रहे हैं.
पंप संचालक अंब्रीश जालान ने बताया कि 30 साल में ऐसी घटना पहली बार हुई है. यह कर्मचारियों की मानवीय भूल का नतीजा है. पेट्रोलियम कंपनी को मामले से अवगत करा दिया गया है. साथ ही पेट्रोल की बिक्री बंद कर दी गई है. कंपनी की ओर से तेल की सैंपलिंग और जांच पूरी किए जाने के बाद पुन: बिक्री शुरू की जाएगी. इससे कितना नुकसान हुआ, फिलहाल इसका अंदाजा लगा पाना मुश्किल है. जांच के बाद ही नुकसान का सही आंकलन हो सकेगा.


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