देवदह ब्यूरो महराजगंज।
ब्लाक अधिकारियों, कर्मचारियों के मिलीभगत से बिना हैण्डपम्पों की रिबोर कराये करा लिया गया भुगतान।
कागज में सैकड़ों विद्युत खम्भों पर जगमगा रहे स्ट्रीट लाइट, मौके पर नदारद।
पनियरा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम सभा जड़ार में बिना स्ट्रीट लाइट लगाये ही धन का आहरण कर लिया गया। जिससे लोगों में रोष व्याप्त है।
ब्लाक अधिकारियों, कर्मचारियों के मिलीभगत से बिना हैण्डपम्पों की रिबोर कराये करा लिया गया भुगतान।
मालूम हो कि गांव के कमलेश प्रसाद, श्रीराम सिंह, रामप्रवेश, महेन्द्र सिंह, नवीन पटेल ने आरोप लगाया कि गांव में तीन दर्जन से अधिक इंडिया मार्का हैण्डपम्प है लेकिन कुछ को छोडक़र किसी भी हैण्डपम्प का रिबोर नहीं कराया गया है। जबकि ब्लाक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मिलीभगत से सभी इंडिया मार्का हैण्डपम्पों के रिबोर का पैसा निकाल लिया गया है।
कागज में सैकड़ों विद्युत खम्भों पर जगमगा रहे स्ट्रीट लाइट, मौके पर नदारद
कागज में सैकड़ों बिजली के खम्भों पर स्ट्रीट लाइट जगमगा रहा है। लेकिन कभी भी गांव के खम्भों पर एक बल्ब भी नहीं लगाया गया है। इन लोगों ने बताया कि अधिकांश सडक़े है जिस पर कागज में खड़ण्जा व इण्टरलाकिंग दिखाकर पैसा निकाला गया है।
मनरेगा में लूट मची है, दुल्हनों के खातों में भेजा गया धन
मनरेगा के धन में लूट मची है। सैकड़ों लोग ऐसे है, जिनके नाम से मनरेगा का जाबकार्ड बना है। वह रहते कहीं और है करते कुछ और है लेकिन उनके खाते में मनरेगा का पैसा पहुंचता रहता है। इन लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि अधिकांश दुल्हनों के खातों में भी मनरेगा का धन भुगतान कराया गया है।
डस्टबिन के नाम पर लाखों रूपये का गोलमाल
डस्टबिन के नाम पर भी लाखों रूपये का गोलमाल किया गया है। इस गांव में खुली बैठक नहीं होती है। ग्राम सचिव मनचाहे व्यक्तियों का हस्ताक्षर कराकर कार्य योजना तैयार कर लेते है। ग्राम सचिव अशोक पटेल ग्रामीणों की बात को नहीं सुनते है और अपनी वाली करते है।
विकास कार्यो की जांच की गयी है, जिसमें गड़बड़ी मिली है, ग्राम सचिव को कैशबुक व अन्य अभिलेख के साथ ब्लाक पर बुलाया गया है- एडीओ एजी।
इस संबंध में पनियरा एडीओ एजी कृषि सुग्रीव शुक्ला ने कहा कि डीएम के निर्देश पर जड़ार गांव में विकास कार्यो की जांच की गयी है। जिनमें गड़बड़ी मिली है। ग्राम सचिव अशोक पटेल को कैशबुक व अन्य अभिलेख लेकर ब्लाक पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है। अभी और जांच करना बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही असलियत का पता चल पायेगा।


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