तीन साल के बेटे ने दी शहीद पंकज त्रिपाठी की चिता को मुखाग्नि.. दर्दनाक मंजर देख लोगों के निकले आंसू..







हेमंत कुमार (देवदह एक्सप्रेस) // कृष्ण मुरारी पटेल और जसवंत गुप्ता (महराजगंज केसरी समाचार) // प्रमोद गुप्ता (गांधी पुस्तिका संदेश) की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट
महराजगंज : 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में एक आतंकी हमले में सीआरपीएफ में कार्यरत  स्वर्गीय पंकज कुमार त्रिपाठी शहीद हुए थे। हम इन के बलिदान को कोटि-कोटि नमन करते हैं हम यह सुनिश्चित करेंगे कि शहीद  पंकज का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने  जिले के त्रिमुहानी घाट पर घोषणा किया कि शहीद पंकज की पत्नी रोहणी को 25  लाख रूपये की आर्थिक सम्मान राशि दी जाएगी। शहीद पंकज के परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।

शहीद पंकज की पत्नी रोहणी के नाम 0.386हे०कृषि भूमि का आवंटन किया जायेगा। शहीद पंकज स्मृति―द्वार भी बनाया जायेगा। शहीद पंकज स्मारक क्रीड़ा स्थली बनाई जायेगी । मेन रोड से शहीद पंकज आवास तक मार्ग प्रकाश व्यवस्था की जायेगी। बेलहिया प्राथमिक विद्यालय तक संपर्क मार्ग बनाया जायेगा। बेलहिया प्राथमिक विद्यालय का कायाकल्प तथा शहीद पंकज के नाम से इसका नामांकन किया जायेगा। इस मौके पर श्रद्धांजलि देने वाले में केंद्रीय मंत्री शिवप्रताप शुक्ला, भाजपा जिला प्रभारी महाराजगंज रमापति राम शास्त्री, सांसद पंकज चौधरी, विधायक बजरंग बहादुर सिंह, जय मंगल कनौजिया, ज्ञानेंद्र सिंह, पूर्व सपा विधायक विनोद मणि त्रिपाठी, कुशीनगर विधायक जटाशंकर त्रिपाठी, पूर्व विधान परिषद सभापति गणेश शंकर पाण्डये, भाजपा अध्यक्ष अरुण कुमार शुक्ला, सपा अध्यक्ष राजेश यादव, कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष आलोक प्रसाद व राकेश गुप्ता, बसपा अध्यक्ष देवेंद्र गौतम, जिला अधिकारी अमरनाथ उपाध्याय, एसडीएम सत्यम मिश्रा, डीएफओ मनीष कुमार,भाजपा युवा अध्यक्ष दिनेश जायसवाल व महराजगंज जिले के अधिकारी व समाजिक गणमान्य नागरिक व नेतागण ने श्रद्धांजलि अर्पित किया ।


 यहां पर बैठे स्वर्गीय पंकज कुमार त्रिपाठी के सशूर धनंजय चौबे जो उनके लड़के को लेकर बैठे थे जिसका नाम प्रतीक त्रिपाठी को उप जिला अधिकारी सत्यम मिश्रा ने पानी पिलाने की व्यवस्था की वह अपने गोदी में लेकर उस को पानी पिलाया हजारों की संख्या में लोगों ने नारे लगाते हुए कहा कि पंकज भैया अमर रहे, पाकिस्तान मुर्दाबाद, भारत माता की जय इन नारों से पूरा माहौल गमगीन हो गया था। जिला अधिकारी अमरनाथ उपाध्याय ने शहीद पंकज त्रिपाठी को कंधा देते हुए त्रिमुहानी घाट घर तक पहुंचाया। वहां मौजूद कई हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा रहें और उनके अंतिम विदाई नम आंखों से की। मुखाग्नि देते हुए उनके पिता वह भाई वह लड़के व चाचा आदि लोगों की आंखें भर आई।

 वहां पर मौजूद 22 बटालियन सी.आर.पी.एफ व एस.एस.बी. के जवानों ने 21 राइफल की सलामी दी । उसके बाद वहां शहीद पंकज त्रिपाठी के नाम पर मौन रखा गया।

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